शुक्रवार, 9 दिसंबर 2016

रिजर्व बैंक ने किए केवाईसी नियमों में बदलाव, अब बैंक ‘ओटीपी’ के जरिए खोलेगा खाता



नई दिल्ली। अब आपको बैंकों में खाता खुलवाने के लिए बार-बार चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे। जी हां, रिजर्व बैंक ने केवाईसी (नो योर कस्टमर) के नियमों में बदलाव कर दिया है। अब बैंक ग्राहकों के मोबाइल पर वन टाइम पासवर्ड (ओटीपी) के जरिए नए अकाउंट खोल सकता है। डिजीटल इंडिया की तरफ कदम बढ़ाते हुए कई बैंकों ने खाता खोलने की इस प्रक्रिया को तेज कर दिया है।

ग्राहकों की सहमति से भेजें ओटीपी

रिजर्व बैंक ने अपनी वेबसाइट पर जारी की गई नोटीफिकेशन में कहा है कि बैंक अपने केवाईसी प्रक्रिया को इलेक्ट्रॉनिक तरीके से पूरा करने के लिए ग्राहकों को ओटीपी उपलब्ध करा सकते हैं। लेकिन ओटीपी मुहैया कराने से पहले उन्हें ग्राहकों की सहमति लेनी होगी।

ओटीपी से खुले खाते में एक लाख जमा होंगे

अपने नोटीफिकेशन में आरबीआई ने कहा कि ओटीपी के जरिए खोले गए अकाउंट में कुल एक लाख रुपए से ज्यादा रकम नहीं रखी जा सकेगी। रिजर्व बैंक आॅफ इंडिया ने कहा कि किसी भी एक फाइनेंशियल ईयर में ऐसे खातों में  दो लाख रुपये से ज्यादा जमा नहीं होना चाहिए।

ग्राहकों को लेनी होगी जिम्मेदारी

रिजर्व बैंक ने ये भी कहा है कि ग्राहकों को इस बात का डिक्लेरेशन देना होगा कि ओटीपी का इस्तेमाल कर उस बैंक में या किसी दूसरे बैंक में खाता नहीं खुलवाया है और न ही खुलवाएगा। हालांकि बैंकों को ये खाते खोलने के एक वर्ष के अंदर इनसे जुड़े ग्राहकों के बारे में जांच-पड़ताल करनी होगी। अगर ऐसा नहीं किया गया तो इन खातों को बंद कर दिया जाएगा।

बैंकों को देनी होगी ई-केवाईसी के जरिए खोले गए खातों की जानकारी

व्यावसायिक बैंकों में खोले गए सभी नए खातों से जुड़े केवाईसी डेटा की जानकारी सेंट्रल केवाईसी रिकॉर्ड्स रजिस्ट्री पर 1 जनवरी 2017 को या उसके बाद अपलोड करनी होगी। इसमें साफतौर पर बताना होगा कि ये खते ई-केवाईसी के जरिए खोले गए हैं। को-ऑपरेटिव बैंक या एनबीएफसी जैसी दूसरी इकाइयों को 1 अप्रैल 2017 को या उसके बाद केवाइसी डेटा अपलोड करना होगा।


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