बुधवार, 21 दिसंबर 2016

नोटबंदी पर बड़ा खुलासाः सहकारी बैंकों के जरिए विदेश गया अरबों का कालाधन!

नोटबंदी के करीब डेढ़ महीने बाद कालेधन को सफेद करने को लेकर एक और चौंकाने वाला खुलासा हुआ है. प्रवर्तन निदेशालय को अंदेशा है कि सहकारी बैंकों में कालाधन जमा कर उसे विदेशी खातों में ट्रांसफर किया गया है.

दरअसल, कालेधन को सफेद करने के तरीके पर आयकर विभाग शुरू से ही नजर रखे हुए है. अब प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने भी शिकंजा कसना शुरू कर दिया है. बताया जा रहा है कि ईडी के हाथ कुछ ऐसे दस्तावेज लगे है, जिनसे कालाधन देश के बाहर भेजे जाने के संकेत मिल रहे है.

ईडी को पता चला है कि नोटबंदी के बाद सहकारी बैंकों को कालाधन सफेद करने का जरिया बनाया गया है. इस जानकारी के बाद ईडी ने मध्य प्रदेश सहित देश के कई राज्यों में नोटिस जारी कर सहकारी बैंकों से आठ नवंबर के बाद की लेन-देन की जानकारी तलब की है.

कालेधन को सफेद करने के इस खेल की जानकारी जुटाने के लिए ईडी ने आयकर विभाग की भी मदद ली है. मध्य प्रदेश के सहकारी बैंकों ने आयकर विभाग को बताया था कि नोटबंदी के बाद खातों में अरबों रुपयों की राशि जमा हुई थी.

ईडी और आयकर विभाग इस कार्रवाई को बेहद गोपनीय रखे हुए है. कोई भी अफसर इस बारे में बात करने से बच रहा है.

मध्य प्रदेश के सहकारिता मंत्री विश्वास सारंग भी खुलकर इस पर कुछ नहीं बोले. लेकिन उन्होंने संकेत दिया कि ईडी के पास संभवतः ऐसी जानकारी है कि सहकारी बैंकों के जरिए कालाधन विदेशी खातों में ट्रांसफर किया गया है.

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