बुधवार, 7 दिसंबर 2016

बुलंदशहर गैंगरेप: आजम खान को सुप्रीम कोर्ट से झटका, पूछा- माफीनामे में ‘किंतु-परंतु’ क्यों?

नई दिल्ली. बुलंदशहर गैंगरेप मामले में सुप्रीम कोर्ट ने यूपी के कद्दावर नेता आजम खान को तगड़ा झटका दिया है। आजम खान की ओर से दाखिल किए गए हलफनामे पर बुधवार को सुप्रीम कोर्ट ने असंतुष्टि जाहिर करते हुए 12 दिसंबर तक नए माफीनामा को दाखिल करने का आदेश दिया है। मामले की अगली सुनवाई 15 दिसंबर को होगी। इससे पहले आजम खान द्वारा दाखिल किए गए माफीनामे के ड्राफ्ट हलफनामे पर केंद्र सरकार के अटॉर्नी जनरल मुकुल रोहतगी ने सवाल उठाया है।

मुकुल रोहतगी के अनुसार, माफीनामे के ड्राफ्ट हलफनामा की भाषाशैली में अंतर है जबकि पिछली सुनवाई के दौरान उन्होंने बिना शर्त माफ़ी मांगने की बात कही थी, लेकिन दाखिल ड्राफ्ट हलफनामे में बिना शर्त माफी मांगने की बात में अंतर है। इसके बाद जज ने आजम खान के वकील कपिल सिब्बल से पूछा कि माफीनामा में किंतु और परन्तु जैसे शब्द प्रयोग क्यों किए गए हैं। जबकि माफीनामा सिर्फ माफ़ी होता है।

वहीं, सुप्रीम कोर्ट ने कड़ी टिप्पणी करते हुए कहा कि रेप जैसे अपराधों पर नेताओं का गैर-जिम्मेदाराना तरीके से बयानबाजी करना ठीक नहीं है। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि 7 दिसंबर को आजम के माफीनामे पर विचार किया जाएगा।
 बताते चलें कि, पीड़िता के पिता ने आजम के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल की थी। गौरतलब है कि कैबिनेट मंत्री आजम खान ने बुलंदशहर गैंगरेप की घटना राजनीतिक साजिश करार दिया था। वहीं, उन्होंने कहा था कि यूपी में सत्ता पाने के लिए बेचैन विपक्षी दल सरकार को बदनाम करने के लिए किसी हद तक गिर सकते हैं।

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