नई दिल्ली : नोटबंदी का आज 29वां दिन है और अब भी लोगों को कैश के लिए बैंक और एटीएम के बाहर घंटों लाइन में खड़े रहने को मजबूर हैं। इस पर विपक्ष लामबंद नजर आ रहा है। वहीं सरकार भी अपने रूख पर कायम है। इस मुद्दे को लेकर सड़क से लेकर संसद तक सरकार और विपक्ष में घमासान जारी है। एकबार फिर आज राज्य सभा में नोटबंदी के मुद्दे पर जमकर हंगामा हुआ।
राज्यसभा सांसद और कांग्रेस के नेता गुलाम नबी आजाद ने आज फिर संसद में नोटबंदी का मुद्दा उठाते हुए कहा कि नोटबंदी के फैसले के बाद भी हालात नहीं बदले हैं। उन्होंने कहा कि एक महीने में ही 84 लोगों की मौत हो चुकी है। उन 84 लोगों की मौत का जिम्मेदार कौन हैं। नबी आजाद ने कहा कि गरीब जनता के साथ खिलवाड़ न किया जाए।
गुलाम नबी आजाद का सरकार से सवाल...
- 84 लोगों की मौत हुई,40 लोगों की लाइन में ही। 84 लोगों की हत्या के लिए कौन है जिमेदार है।
- राजस्व सचिव ने कहा सारी मुद्रा वापस आ गयी, तो ब्लैक मनी कहां है। फिर इतने लोगों को बेरोज़गार क्यों क्या। ये तमाशा क्यों क्या।
- RBI ने दस दिनों से कितना पैसा वापस आया, ये figures क्यों देना बंद कर दिया। ऐसा क्यों किया गया।
- परसों सरकार ने जवाब दिया है इस सदन में की बैंकों में पैसा है, अगर ये सही है तो ATM में क्यों नहीं है पैसा।
उधर सरकार की ओर से वित्त मंत्री अरुण जेटली ने मोर्चा संभाला। उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्ष नोटबंदी के मुद्दे पर सदन में चर्चा नहीं करना चाहता और वो इससे बचने के लिए हंगामा कर रहा है। साथ ही उन्होंने कहा कि हम चर्चा के लिए तैयार हैं और प्रधानमंत्री नियमित रुप से सदन में उपस्थित रहते हैं।
बुधवार, 7 दिसंबर 2016
नोटबंदी पर संसद में संग्राम, विपक्ष-सरकार के बीच आरोप-प्रत्यारोप जारी
पढ़ाई का विषय हमेशा साइंस रहा। बी एससी इलेट्रॉनिक्स से करने के बाद अचानक पत्रकारिता की तरफ रूझान बढ़ा। नतीजतन आज मेरा व्यवसाय और शौक
दोनों यही बन गए।
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