पुणे : नोटबंदी के बाद से काले धन को सफेद करने में लगे लोगों को जांच एजेंसियों की नजर है और ऐसे कालियाओं को पकड़ा भी जा रहा है, लेकिन पुणे से एक अजीब मामला सामने आया है। यहां एक व्यापारी अपने सफेद धन को काला करने की कोशिश में पकड़ा गया। इस व्यापारी ने 200 करोड़ से भी ज्यादा का लेन-देन किया है।
एक अखबार के अनुसार डायरेक्टर जनरल ऑफ सेंट्रल एक्साइज इंटेलीजेंस ने पुणे के ऑटोमोबाइल पार्ट बनाने वाले व्यापारी के खिलाफ मामला दर्ज किया है। इस व्यापारी के पुणे के कल्याण नगर स्थित आवास पर छापे के दौरान टीम को 13 लाख के नए नोट मिले थे। इसके अलावा उसके घर से ऐसे कागजात भी मिले थे, जो यह बताते हैं कि व्यापारी 200 करोड़ रुपए के सफेद धन को काला करने में शामिल है। उसने यह अपने एजेंट्स को कंपनी के अकाउंट के माध्यम से भेजे थे।
सूत्रों के अनुसार व्यापारी से जुड़े मध्यस्थों पर पड़े छापों में एक ने बताया कि व्यापारी फर्जी बिलों के माध्यम से यह पूरा काम कर रहा था। उसके काम के तरीके से पता चलता है कि व्यापारी ने एजेंटों के फर्जी बिलों पर पेमेंट किया, जिसके बाद एजेंट यह पेमेंट बैंक से निकालते और व्यापारी को दे देते। इस तरह उसने 200 करोड़ के सफेद धन को काला किया है। व्यापारी के अनुसार उसने सरकार से ड्यूटी ड्रॉ बैक के रूप में 20 करोड़ भी लिए हैं।
रविवार, 25 दिसंबर 2016
व्हाइट को ब्लैक कर बैंक से व्यापारी ने निकाले 200 करोड़
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महाराष्ट्र,
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पढ़ाई का विषय हमेशा साइंस रहा। बी एससी इलेट्रॉनिक्स से करने के बाद अचानक पत्रकारिता की तरफ रूझान बढ़ा। नतीजतन आज मेरा व्यवसाय और शौक
दोनों यही बन गए।
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